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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 42: शमीकका अपने पुत्रको समझाना और गौरमुखको राजा परीक्षित् के पास भेजना, राजाद्वारा आत्मरक्षाकी व्यवस्था तथा तक्षक नाग और काश्यपकी बातचीत  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.42.29 
सम्मन्त्र्य मन्त्रिभिश्चैव स तथा मन्त्रतत्त्ववित्।
प्रासादं कारयामास एकस्तम्भं सुरक्षितम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
राजा ने, जो मंत्र-सिद्धांतों में पारंगत था, अपने मंत्रियों से परामर्श करके एक ऊँचा महल बनवाया; जिसमें केवल एक ही स्तंभ था। वह भवन चारों ओर से सुरक्षित था।
 
The king, who was well versed in the principles of mantra, after consulting with his ministers, built a tall palace; in which there was only one pillar. That building was secure from all sides.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)