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mahabharat 1.42.20: राजेन्द्र! आज तुम्हें एक ऋषिपुत्र ने अपने पिता की जानकारी के बिना ही श्राप दे दिया है कि आज से सात रात्रि के पश्चात् तक्षक नाग तुम्हारी मृत्यु का कारण बनेगा।   |   mahabharat अध्याय 1.42: शमीकका अपने पुत्रको समझाना और गौरमुखको राजा परीक्षित् के पास भेजना, राजाद्वारा आत्मरक्षाकी व्यवस्था तथा तक्षक नाग और काश्यपकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 42: शमीकका अपने पुत्रको समझाना और गौरमुखको राजा परीक्षित् के पास भेजना, राजाद्वारा आत्मरक्षाकी व्यवस्था तथा तक्षक नाग और काश्यपकी बातचीत  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.42.20 
तेन शप्तोऽसि राजेन्द्र पितुरज्ञातमद्य वै।
तक्षक: सप्तरात्रेण मृत्युस्तव भविष्यति॥ २०॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! आज तुम्हें एक ऋषिपुत्र ने अपने पिता की जानकारी के बिना ही श्राप दे दिया है कि आज से सात रात्रि के पश्चात् तक्षक नाग तुम्हारी मृत्यु का कारण बनेगा।
 
Rajendra! Today, without the knowledge of his father, the son of a sage has cursed you that after seven nights from today, the Takshak serpent will be the cause of your death.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)