Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.42.16-17h: उस समय महाराज परीक्षित ने गौरमुख ब्राह्मण का बहुत आदर-सत्कार किया। जब वे विश्राम कर चुके, तब उन्होंने मंत्रियों के समक्ष शमीक द्वारा कहे गए कठोर वचन राजा को सुनाए। | mahabharat अध्याय 1.42: शमीकका अपने पुत्रको समझाना और गौरमुखको राजा परीक्षित् के पास भेजना, राजाद्वारा आत्मरक्षाकी व्यवस्था तथा तक्षक नाग और काश्यपकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय महाराज परीक्षित ने गौरमुख ब्राह्मण का बहुत आदर-सत्कार किया। जब वे विश्राम कर चुके, तब उन्होंने मंत्रियों के समक्ष शमीक द्वारा कहे गए कठोर वचन राजा को सुनाए।
At that time Maharaja Parikshit honoured the Brahmin Gaurmukh very much. When he had rested, he narrated the harsh words spoken by Shamik in full to the king in the presence of the ministers. 16 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥