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mahabharat 1.41.29: राजा से धर्म की स्थापना होती है और धर्म से ही स्वर्ग की स्थापना होती है। राजा से सम्पूर्ण यज्ञ की स्थापना होती है और यज्ञ से देवतागण स्थापित होते हैं। 29॥   |   mahabharat अध्याय 1.41: शृंगी ऋषिका राजा परीक्षित् को शाप देना और शमीकका अपने पुत्रको शान्त करते हुए शापको अनुचित बताना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 41: शृंगी ऋषिका राजा परीक्षित् को शाप देना और शमीकका अपने पुत्रको शान्त करते हुए शापको अनुचित बताना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.41.29 
राज्ञा प्रतिष्ठितो धर्मो धर्मात् स्वर्ग: प्रतिष्ठित:।
राज्ञो यज्ञक्रिया: सर्वा यज्ञाद् देवा: प्रतिष्ठिता:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
राजा से धर्म की स्थापना होती है और धर्म से ही स्वर्ग की स्थापना होती है। राजा से सम्पूर्ण यज्ञ की स्थापना होती है और यज्ञ से देवतागण स्थापित होते हैं। 29॥
 
Religion is established through the king and the establishment of heaven is achieved through religion. The entire yagya is established by the king and the gods are established by the yagya. 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)