Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.41.12-14: श्रृंगी ने कहा: जिस पापी राजा ने धर्मसंकट में पड़े मेरे वृद्ध पिता के कंधे पर मरा हुआ सर्प रख दिया है, उस पापी परीक्षित को, कुरुकुल के कलंक को, जिसने ब्राह्मणों का अपमान किया है, आज से सात रात्रि के पश्चात् मेरे वचनों की शक्ति से प्रेरित होकर महान क्रोध में भरे हुए पन्नगोत्तम तक्षक नामक विषधर सर्प द्वारा यमलोक भेज दिया जाएगा। | mahabharat अध्याय 1.41: शृंगी ऋषिका राजा परीक्षित् को शाप देना और शमीकका अपने पुत्रको शान्त करते हुए शापको अनुचित बताना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रृंगी ने कहा: जिस पापी राजा ने धर्मसंकट में पड़े मेरे वृद्ध पिता के कंधे पर मरा हुआ सर्प रख दिया है, उस पापी परीक्षित को, कुरुकुल के कलंक को, जिसने ब्राह्मणों का अपमान किया है, आज से सात रात्रि के पश्चात् मेरे वचनों की शक्ति से प्रेरित होकर महान क्रोध में भरे हुए पन्नगोत्तम तक्षक नामक विषधर सर्प द्वारा यमलोक भेज दिया जाएगा।
Shringi said: The sinful king who has placed a dead snake on the shoulders of my old father who is in a religious dilemma, that sinner Parikshit, the disgrace of the Kuru clan who has insulted Brahmins, will be sent to Yamaloka by the venomous serpent named Pannagottama Takshak, filled with great wrath, inspired by the power of my words, after seven nights from today.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥