Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.41.11: वह तेजस्वी बालक क्रोध और क्रोध से भर गया। उसने जल से अपना मुँह धोया और फिर हाथ में जल लेकर राजा परीक्षित को इस प्रकार श्राप दिया।   |   mahabharat अध्याय 1.41: शृंगी ऋषिका राजा परीक्षित् को शाप देना और शमीकका अपने पुत्रको शान्त करते हुए शापको अनुचित बताना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 41: शृंगी ऋषिका राजा परीक्षित् को शाप देना और शमीकका अपने पुत्रको शान्त करते हुए शापको अनुचित बताना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.41.11 
आविष्ट: स हि कोपेन शशाप नृपतिं तदा।
वार्युपस्पृश्य तेजस्वी क्रोधवेगबलात्कृत:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वह तेजस्वी बालक क्रोध और क्रोध से भर गया। उसने जल से अपना मुँह धोया और फिर हाथ में जल लेकर राजा परीक्षित को इस प्रकार श्राप दिया।
 
That radiant boy was filled with rage and fury. He rinsed his mouth with water and then took water in his hand and cursed King Parikshit in this manner.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)