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mahabharat 1.39.14: और उन्होंने कहा - 'जब महाबली ऋषि जरत्कारु विवाह करने की इच्छा करें, तो वे शीघ्र आकर मुझे बताएँ। इससे हमारा कल्याण होगा।'॥14॥   |   mahabharat अध्याय 1.39: ब्रह्माजीकी आज्ञासे वासुकिका जरत्कारु मुनिके साथ अपनी बहिनको ब्याहनेके लिये प्रयत्नशील होना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 39: ब्रह्माजीकी आज्ञासे वासुकिका जरत्कारु मुनिके साथ अपनी बहिनको ब्याहनेके लिये प्रयत्नशील होना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.39.14 
जरत्कारुर्यदा भार्यामिच्छेद् वरयितुं प्रभु:।
शीघ्रमेत्य तदाख्येयं तन्न: श्रेयो भविष्यति॥ १४॥
 
 
अनुवाद
और उन्होंने कहा - 'जब महाबली ऋषि जरत्कारु विवाह करने की इच्छा करें, तो वे शीघ्र आकर मुझे बताएँ। इससे हमारा कल्याण होगा।'॥14॥
 
And he said, 'When the powerful sage Jaratkaru wishes to marry a wife, he should come quickly and inform me about it. That will be good for us.'॥ 14॥
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि आस्तीकपर्वणि जरत्कार्वन्वेषणे एकोनचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ३९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत आस्तीकपर्वमें जरत्कारु मुनिका अन्वेषणविषयक उनतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)