Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.38.8: पितामह! आपने भी 'तथास्तु' कहकर कद्रू के वचनों का अनुमोदन किया है; उसे शाप देने से नहीं रोका है। इसका क्या कारण है, यह हम जानना चाहते हैं॥8॥ | mahabharat अध्याय 1.38: वासुकिकी बहिन जरत्कारुका जरत्कारु मुनिके साथ विवाह करनेका निश्चय । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथेति च वचस्तस्यास्त्वयाप्युक्तं पितामह।
एतदिच्छामि विज्ञातुं कारणं यन्न वारिता॥ ८॥
अनुवाद
पितामह! आपने भी 'तथास्तु' कहकर कद्रू के वचनों का अनुमोदन किया है; उसे शाप देने से नहीं रोका है। इसका क्या कारण है, यह हम जानना चाहते हैं॥8॥
Grandfather! You too have approved of Kadru's words by saying 'Tathastu'; you have not stopped her from cursing him. What is the reason for this, we want to know this. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥