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देवा ऊचु:
का हि लब्ध्वा प्रियान् पुत्राञ्छपेदेवं पितामह।
ऋते कद्रूं तीक्ष्णरूपां देवदेव तवाग्रत:॥ ७॥
अनुवाद
देवताओं ने कहा - पितामह! हे देवराज! इस क्रूर, तीक्ष्ण स्वभाव वाली कद्रू के अतिरिक्त और कौन ऐसी स्त्री होगी जो अपने प्रिय पुत्रों को पाकर उन्हें इस प्रकार शाप दे और वह भी आपके सामने।
The gods said - Grandfather! O lord of gods! Apart from this cruel Kadru with a sharp temper, who else would be the woman who after getting her beloved sons, would curse them in this manner and that too in front of you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥