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mahabharat 1.38.16: सर्पराज वासुकीकी की बहन का नाम जरत्कारु है। उसके गर्भ से एक पुत्र उत्पन्न होगा जो सर्पों को शाप से मुक्त करेगा। 16॥   |   mahabharat अध्याय 1.38: वासुकिकी बहिन जरत्कारुका जरत्कारु मुनिके साथ विवाह करनेका निश्चय   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 38: वासुकिकी बहिन जरत्कारुका जरत्कारु मुनिके साथ विवाह करनेका निश्चय  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.38.16 
वासुके: सर्पराजस्य जरत्कारु: स्वसा किल।
स तस्यां भविता पुत्र: शापान्नागांश्च मोक्ष्यति॥ १६॥
 
 
अनुवाद
सर्पराज वासुकीकी की बहन का नाम जरत्कारु है। उसके गर्भ से एक पुत्र उत्पन्न होगा जो सर्पों को शाप से मुक्त करेगा। 16॥
 
Serpent King Vasukiki's sister's name is Jaratkaru. From her womb will be born a son who will free the snakes from their curse. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)