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श्लोक 1.38.13  |
तस्य पुत्रो जरत्कारोर्भविष्यति तपोधन:।
आस्तीको नाम यज्ञं स प्रतिषेत्स्यति तं तदा।
तत्र मोक्ष्यन्ति भुजगा ये भविष्यन्ति धार्मिका:॥ १३॥ |
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| अनुवाद |
| उसके यहाँ आस्तिक नामक एक महान तपस्वी पुत्र उत्पन्न होगा, जो उस यज्ञ को रोक देगा, अतः धर्मात्मा सर्प उसमें जलने से बच जाएँगे॥13॥ |
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| A great ascetic son named Aastik will be born to him who will stop that yajna. Therefore, the snakes who are religious will be saved from being burnt in it.॥ 13॥ |
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