Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.37.34: मुझे तो केवल वही काम करना है जो तुम सबका सच्चा हित करने वाला हो। इसीलिए मैं अधिक चिंतित हूँ; क्योंकि तुम सबमें ज्येष्ठ होने के कारण अच्छे-बुरे का सारा उत्तरदायित्व मुझ पर ही है।॥34॥ | mahabharat अध्याय 1.37: माताके शापसे बचनेके लिये वासुकि आदि नागोंका परस्पर परामर्श । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मुझे तो केवल वही काम करना है जो तुम सबका सच्चा हित करने वाला हो। इसीलिए मैं अधिक चिंतित हूँ; क्योंकि तुम सबमें ज्येष्ठ होने के कारण अच्छे-बुरे का सारा उत्तरदायित्व मुझ पर ही है।॥34॥
‘I have to do only that work which is in the real interest of you all. That is why I am more worried; because being the eldest among you all, the entire responsibility of the good and bad is on me.’॥ 34॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि आस्तीकपर्वणि वासुक्यादिमन्त्रणे सप्तत्रिंशोऽध्याय:॥ ३७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत आस्तीकपर्वमें वासुकि आदि नागोंकी मन्त्रणा नामक सैंतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥