सम्यक्सद्धर्ममूला वै व्यसने शान्तिरुत्तमा।
अधर्मोत्तरता नाम कृत्स्नं व्यापादयेज्जगत्॥ २०॥
अनुवाद
‘संकट के समय शांति के लिए जो उपाय सर्वोत्तम माना जाता है, वही उत्तम धर्म के अनुसार किया जाता है। संकट से बचने के लिए निरंतर पाप करने की प्रवृत्ति सम्पूर्ण जगत का नाश कर देगी।’॥20॥
‘In times of crisis, the only solution that is considered best for peace is that which is done in accordance with the best religion. The tendency to commit continuous sins to escape from the crisis will destroy the entire world.’॥ 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥