ब्रह्मोवाच
अधो महीं गच्छ भुजङ्गमोत्तम
स्वयं तवैषा विवरं प्रदास्यति।
इमां धरां धारयता त्वया हि मे
महत् प्रियं शेष कृतं भविष्यति॥ २१॥
अनुवाद
ब्रह्माजी ने कहा- हे सर्पराज शेष! तुम पृथ्वी के नीचे चले जाओ। वह स्वयं तुम्हें वहाँ जाने का मार्ग देगी। इस पृथ्वी को धारण करने से मेरा सबसे प्रिय कार्य तुम्हारे द्वारा सम्पन्न होगा।॥21॥
Brahmaji said- O King of Snakes, Shesh! You go under the Earth. It itself will give you a way to go there. By holding this Earth, my most beloved task will be accomplished by you. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥