Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.32.6: उस धूल से आच्छादित होने के कारण देवतागण हतप्रभ हो गए। अमृत की रक्षा करने वाले देवता भी धूल से आच्छादित होने के कारण कुछ भी देख पाने में असमर्थ हो गए। | mahabharat अध्याय 1.32: गरुडका देवताओंके साथ युद्ध और देवताओंकी पराजय । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेनावकीर्णा रजसा देवा मोहमुपागमन्।
न चैवं ददृशुश्छन्ना रजसामृतरक्षिण:॥ ६॥
अनुवाद
उस धूल से आच्छादित होने के कारण देवतागण हतप्रभ हो गए। अमृत की रक्षा करने वाले देवता भी धूल से आच्छादित होने के कारण कुछ भी देख पाने में असमर्थ हो गए।
The gods were bewildered by being covered by that dust. The gods who were protecting the nectar were also unable to see anything due to being covered by the dust.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥