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mahabharat 1.32.3: वहाँ भौमन (विश्वकर्मा) नामक देवता, जो विद्युत और अग्नि के समान तेजस्वी तथा अत्यंत शक्तिशाली थे, अमृत की रक्षा कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 1.32: गरुडका देवताओंके साथ युद्ध और देवताओंकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 32: गरुडका देवताओंके साथ युद्ध और देवताओंकी पराजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.32.3 
तत्र चासीदमेयात्मा विद्युदग्निसमप्रभ:।
भौमन: सुमहावीर्य: सोमस्य परिरक्षिता॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वहाँ भौमन (विश्वकर्मा) नामक देवता, जो विद्युत और अग्नि के समान तेजस्वी तथा अत्यंत शक्तिशाली थे, अमृत की रक्षा कर रहे थे।
 
There, Bhooman (Vishwakarma), who was as radiant as electricity and fire and was extremely powerful, was protecting the nectar.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)