Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.32.24-25: तब महाबली गरुड़ ने अपने शरीर में आठ हजार एक सौ मुख प्रकट करके उनसे नदियों का जल पिया। फिर वे बड़े वेग से पुनः वहाँ आए और जलती हुई अग्नि पर सारा जल डाल दिया। इस प्रकार शत्रुओं को भी ताप देने वाले पक्षीराज गरुड़ ने नदियों के जल से अग्नि को बुझाकर अमृत तक पहुँचने की इच्छा से दूसरा अति छोटा रूप धारण किया॥24-25॥   |   mahabharat अध्याय 1.32: गरुडका देवताओंके साथ युद्ध और देवताओंकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 32: गरुडका देवताओंके साथ युद्ध और देवताओंकी पराजय  »  श्लोक 24-25
 
 
श्लोक  1.32.24-25 
ततो नवत्या नवतीर्मुखानां
कृत्वा महात्मा गरुडस्तरस्वी।
नदी: समापीय मुखैस्ततस्तै:
सुशीघ्रमागम्य पुनर्जवेन॥ २४॥
ज्वलन्तमग्निं तममित्रतापन:
समास्तरत्पत्ररथो नदीभि:।
तत: प्रचक्रे वपुरन्यदल्पं
प्रवेष्टुकामोऽग्निमभिप्रशाम्य॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली गरुड़ ने अपने शरीर में आठ हजार एक सौ मुख प्रकट करके उनसे नदियों का जल पिया। फिर वे बड़े वेग से पुनः वहाँ आए और जलती हुई अग्नि पर सारा जल डाल दिया। इस प्रकार शत्रुओं को भी ताप देने वाले पक्षीराज गरुड़ ने नदियों के जल से अग्नि को बुझाकर अमृत तक पहुँचने की इच्छा से दूसरा अति छोटा रूप धारण किया॥24-25॥
 
Then the mighty Garuda, the great soul, manifested eight thousand one hundred mouths in his body and drank the water of the rivers with them. Then he again came there quickly with great speed and poured all the water on the burning fire. In this way, the bird-carrier Garuda, who gives heat to the enemies, after extinguishing the fire with the water of the rivers, assumed another very small form with the desire to reach the nectar.॥24-25॥
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि आस्तीकपर्वणि सौपर्णे द्वात्रिंशोऽध्याय:॥ ३२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत आस्तीकपर्वमें गरुडचरित्रविषयक बत्तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३२॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)