Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.32.21: वे सभी यक्ष बहुत बलवान और उत्साही थे; उस युद्ध में गरुड़ द्वारा बार-बार घायल होने के कारण वे रक्त की धारा बहाते हुए बादलों के समान प्रतीत हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 1.32: गरुडका देवताओंके साथ युद्ध और देवताओंकी पराजय । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबला महोत्साहास्तेन ते बहुधा क्षता:।
रेजुरभ्रघनप्रख्या रुधिरौघप्रवर्षिण:॥ २१॥
अनुवाद
वे सभी यक्ष बहुत बलवान और उत्साही थे; उस युद्ध में गरुड़ द्वारा बार-बार घायल होने के कारण वे रक्त की धारा बहाते हुए बादलों के समान प्रतीत हो रहे थे।
All those Yakshas were very strong and enthusiastic; having been wounded again and again by Garuda in that war, they looked like clouds, shedding streams of blood.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥