Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.32.18-19: तत्पश्चात् आकाश में उड़ने वाले पक्षीराज गरुड़ ने अश्वक्रन्द, रेणुका, पराक्रमी क्रथन, तपन, उलूक, श्वानस, निमेष, प्रऋजु और पुलिन नामक नौ यक्षों के साथ युद्ध किया।॥18-19॥ | mahabharat अध्याय 1.32: गरुडका देवताओंके साथ युद्ध और देवताओंकी पराजय । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अश्वक्रन्देन वीरेण रेणुकेन च पक्षिराट्।
क्रथनेन च शूरेण तपनेन च खेचर:॥ १८॥
उलूकश्वसनाभ्यां च निमेषेण च पक्षिराट्।
प्ररुजेन च संग्रामं चकार पुलिनेन च॥ १९॥
अनुवाद
तत्पश्चात् आकाश में उड़ने वाले पक्षीराज गरुड़ ने अश्वक्रन्द, रेणुका, पराक्रमी क्रथन, तपन, उलूक, श्वानस, निमेष, प्रऋजु और पुलिन नामक नौ यक्षों के साथ युद्ध किया।॥18-19॥
Thereafter, the king of the birds flying in the skies, Garuda, fought with the nine Yakshas namely, Ashwakranda, Renuka, the valiant Krathan, Tapana, Ulook, Shvanas, Nimesh, Praruja and Pulin.॥18-19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥