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mahabharat 1.32.10: देवताओं के आक्रमणों को सहन करते हुए महाबली गरुड़ ने जोर से गर्जना शुरू कर दी, जिससे सभी प्राणी भयभीत हो गए, जैसे आकाश में एक विशाल बादल छा गया हो।   |   mahabharat अध्याय 1.32: गरुडका देवताओंके साथ युद्ध और देवताओंकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.32.10 
ननादोच्चै: स बलवान् महामेघ इवाम्बरे।
वध्यमान: सुरगणै: सर्वभूतानि भीषयन्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
देवताओं के आक्रमणों को सहन करते हुए महाबली गरुड़ ने जोर से गर्जना शुरू कर दी, जिससे सभी प्राणी भयभीत हो गए, जैसे आकाश में एक विशाल बादल छा गया हो।
 
Enduring the attacks of the gods, the mighty Garuda began to roar loudly, frightening all creatures like a huge cloud covering the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)