Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.31.8: रास्ते में उसने बहुत से ऋषियों को देखा जिनके कदम बहुत छोटे थे। उनका पूरा शरीर अंगूठे के मध्य भाग के बराबर था। वे सभी पलाश की एक बत्ती (छोटी टहनी) लेकर एक साथ आ रहे थे। | mahabharat अध्याय 1.31: इन्द्रके द्वारा वालखिल्योंका अपमान और उनकी तपस्याके प्रभावसे अरुण एवं गरुडकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रास्ते में उसने बहुत से ऋषियों को देखा जिनके कदम बहुत छोटे थे। उनका पूरा शरीर अंगूठे के मध्य भाग के बराबर था। वे सभी पलाश की एक बत्ती (छोटी टहनी) लेकर एक साथ आ रहे थे।
On the way he saw many sages whose steps were very small. Their whole body was equal to the middle part of the thumb. All of them were coming together carrying a wick (small twig) of Palaash. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥