श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 31: इन्द्रके द्वारा वालखिल्योंका अपमान और उनकी तपस्याके प्रभावसे अरुण एवं गरुडकी उत्पत्ति  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.31.6 
तत्रेध्मानयने शक्रो नियुक्त: कश्यपेन ह।
मुनयो वालखिल्याश्च ये चान्ये देवतागणा:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उस यज्ञ में काश्यपजी ने इन्द्र को लकड़ियाँ लाने के लिए नियुक्त किया था। यही कार्य वाल्यखिल्य ऋषियों तथा अन्य देवताओं को भी सौंपा गया था॥6॥
 
In that yajna, Kashyapji had appointed Indra to bring firewood. The same task was assigned to the Valakhilya sages and other gods as well.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)