vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 31: इन्द्रके द्वारा वालखिल्योंका अपमान और उनकी तपस्याके प्रभावसे अरुण एवं गरुडकी उत्पत्ति
»
श्लोक 6
श्लोक
1.31.6
तत्रेध्मानयने शक्रो नियुक्त: कश्यपेन ह।
मुनयो वालखिल्याश्च ये चान्ये देवतागणा:॥ ६॥
अनुवाद
उस यज्ञ में काश्यपजी ने इन्द्र को लकड़ियाँ लाने के लिए नियुक्त किया था। यही कार्य वाल्यखिल्य ऋषियों तथा अन्य देवताओं को भी सौंपा गया था॥6॥
In that yajna, Kashyapji had appointed Indra to bring firewood. The same task was assigned to the Valakhilya sages and other gods as well.॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×