Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.31.19: हे ऋषियों और मुनियों! आप ब्रह्माजी के वचनों को मिथ्या सिद्ध न करें। साथ ही मैं यह भी चाहता हूँ कि आपका यह अभीष्ट संकल्प भी मिथ्या न हो।॥19॥ | mahabharat अध्याय 1.31: इन्द्रके द्वारा वालखिल्योंका अपमान और उनकी तपस्याके प्रभावसे अरुण एवं गरुडकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न मिथ्या ब्रह्मणो वाक्यं कर्तुमर्हथ सत्तमा:।
भवतां हि न मिथ्यायं संकल्पो वै चिकीर्षित:॥ १९॥
अनुवाद
हे ऋषियों और मुनियों! आप ब्रह्माजी के वचनों को मिथ्या सिद्ध न करें। साथ ही मैं यह भी चाहता हूँ कि आपका यह अभीष्ट संकल्प भी मिथ्या न हो।॥19॥
‘O saints and sages! You should not prove the words of Brahmaji to be false. Along with that I also wish that this desired resolution made by you should also not be false.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥