Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.31.15: उनका संकल्प सुनकर देवताओं के राजा इंद्र, जिन्होंने सौ यज्ञ किए थे, बहुत दुखी हुए और कश्यप के पास गए, जो एक कठोर व्रत करने वाले व्यक्ति थे। | mahabharat अध्याय 1.31: इन्द्रके द्वारा वालखिल्योंका अपमान और उनकी तपस्याके प्रभावसे अरुण एवं गरुडकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनका संकल्प सुनकर देवताओं के राजा इंद्र, जिन्होंने सौ यज्ञ किए थे, बहुत दुखी हुए और कश्यप के पास गए, जो एक कठोर व्रत करने वाले व्यक्ति थे।
On hearing his resolve, Lord Indra, the king of gods, who had performed a hundred yagyas, became very sad and went to Kasyapa, who was a person who observed a strict fast.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥