श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 3: जनमेजयको सरमाका शाप, जनमेजयद्वारा सोमश्रवाका पुरोहितके पदपर वरण,आरुणि, उपमन्यु, वेद और उत्तंककी गुरुभक्ति तथा उत्तंकका सर्पयज्ञके लिये जनमेजयको प्रोत्साहन देना  »  श्लोक 77
 
 
श्लोक  1.3.77 
सर्वे च ते वेदा: प्रतिभास्यन्ति सर्वाणि च धर्मशास्त्राणीति। एषा तस्यापि परीक्षोपमन्यो:॥ ७७॥
 
 
अनुवाद
‘सारे वेद और धर्मग्रन्थ तुम्हारे मन में स्वतः ही प्रकट हो जायेंगे।’ इस प्रकार उपमन्यु की परीक्षा का वर्णन किया गया।
 
'All the Vedas and religious scriptures will automatically manifest in your mind.' Thus was the test of Upamanyu explained. 77.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)