स उपाध्यायवचनं श्रुत्वा प्रत्युवाचोच्चैरयमस्मिन् कूपे पतितोऽहमिति तमुपाध्याय: प्रत्युवाच कथं त्वमस्मिन् कूपे पतित इति॥ ५४॥
अनुवाद
उपाध्याय के वचन सुनकर उसने ऊंचे स्वर में उत्तर दिया - ‘गुरुजी, मैं कुएँ में गिर गया हूँ।’ तब उपाध्याय ने उससे पूछा - ‘बेटा, तुम कुएँ में कैसे गिरे?’॥ 54॥
On hearing Upadhyaya's words, he replied in a loud voice - 'Guruji, I have fallen in the well.' Then Upadhyaya asked him - 'Son, how did you fall in the well?'॥ 54॥