vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 3: जनमेजयको सरमाका शाप, जनमेजयद्वारा सोमश्रवाका पुरोहितके पदपर वरण,आरुणि, उपमन्यु, वेद और उत्तंककी गुरुभक्ति तथा उत्तंकका सर्पयज्ञके लिये जनमेजयको प्रोत्साहन देना
»
श्लोक 3
श्लोक
1.3.3
तं माता रोरूयमाणमुवाच। किं रोदिषि केनास्यभिहत इति॥ ३॥
अनुवाद
माता ने बार-बार रोते हुए अपने पुत्र से पूछा - 'बेटा! तुम क्यों रो रहे हो? तुम्हें किसने मारा है?'॥3॥
The mother asked her son who was crying repeatedly - 'Son! Why are you crying? Who has killed you?'॥ 3॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas