Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.29.4: गरुड़ ने कहा - ब्राह्मण! तुम इस निषादि को साथ लेकर शीघ्र चले जाओ। मेरी जठराग्नि के तेज से अभी तक तुम्हारा पाचन नहीं हुआ है, अतः शीघ्र ही अपने प्राण बचाओ। | mahabharat अध्याय 1.29: कश्यपजीका गरुडको हाथी और कछुएके पूर्वजन्मकी कथा सुनाना, गरुडका उन दोनोंको पकड़कर एक दिव्य वटवृक्षकी शाखापर ले जाना और उस शाखाका टूटना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गरुड़ ने कहा - ब्राह्मण! तुम इस निषादि को साथ लेकर शीघ्र चले जाओ। मेरी जठराग्नि के तेज से अभी तक तुम्हारा पाचन नहीं हुआ है, अतः शीघ्र ही अपने प्राण बचाओ।
Garuda said - Brahmin! You should take this Nishadi along with you and leave quickly. You have not yet been digested by the brilliance of my gastric fire; therefore, save your life quickly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥