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mahabharat 1.29.30: हाथी का शरीर छह योजन ऊँचा और बारह योजन लम्बा है। कछुए का शरीर तीन योजन ऊँचा और दस योजन गोल है।   |   mahabharat अध्याय 1.29: कश्यपजीका गरुडको हाथी और कछुएके पूर्वजन्मकी कथा सुनाना, गरुडका उन दोनोंको पकड़कर एक दिव्य वटवृक्षकी शाखापर ले जाना और उस शाखाका टूटना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 29: कश्यपजीका गरुडको हाथी और कछुएके पूर्वजन्मकी कथा सुनाना, गरुडका उन दोनोंको पकड़कर एक दिव्य वटवृक्षकी शाखापर ले जाना और उस शाखाका टूटना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.29.30 
षडुच्छ्रितो योजनानि गजस्तद्‍‍द्विगुणायत:।
कूर्मस्त्रियोजनोत्सेधो दशयोजनमण्डल:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
हाथी का शरीर छह योजन ऊँचा और बारह योजन लम्बा है। कछुए का शरीर तीन योजन ऊँचा और दस योजन गोल है।
 
The elephant's body is six yojanas high and twelve yojanas long. The tortoise's body is three yojanas high and ten yojanas round.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)