Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.29.3: ऐसा कहने वाले गरुड़ से ब्राह्मण ने कहा, 'यह निषाद जाति की कन्या मेरी पत्नी है; अतः यह भी मेरे साथ चले (तभी मैं जा सकता हूँ)॥3॥ | mahabharat अध्याय 1.29: कश्यपजीका गरुडको हाथी और कछुएके पूर्वजन्मकी कथा सुनाना, गरुडका उन दोनोंको पकड़कर एक दिव्य वटवृक्षकी शाखापर ले जाना और उस शाखाका टूटना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा कहने वाले गरुड़ से ब्राह्मण ने कहा, 'यह निषाद जाति की कन्या मेरी पत्नी है; अतः यह भी मेरे साथ चले (तभी मैं जा सकता हूँ)॥3॥
The Brahmin said to Garuda who had said this, 'This girl of the Nishada caste is my wife; therefore she should also go with me (only then can I go)'॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥