Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.29.28-29: उसे देखते ही वह महाबली हाथी अपनी सूँड़ को अपने चारों ओर लपेटकर जल में दौड़ता है और अपने दाँतों, सूँड़, पूँछ और पैरों के बल से असंख्य मछलियों से भरे हुए सम्पूर्ण सरोवर में हलचल मचा देता है। उस समय महाबली कछुआ भी अपना सिर उठाकर युद्ध के लिए निकट आ जाता है॥ 28-29॥ | mahabharat अध्याय 1.29: कश्यपजीका गरुडको हाथी और कछुएके पूर्वजन्मकी कथा सुनाना, गरुडका उन दोनोंको पकड़कर एक दिव्य वटवृक्षकी शाखापर ले जाना और उस शाखाका टूटना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसे देखते ही वह महाबली हाथी अपनी सूँड़ को अपने चारों ओर लपेटकर जल में दौड़ता है और अपने दाँतों, सूँड़, पूँछ और पैरों के बल से असंख्य मछलियों से भरे हुए सम्पूर्ण सरोवर में हलचल मचा देता है। उस समय महाबली कछुआ भी अपना सिर उठाकर युद्ध के लिए निकट आ जाता है॥ 28-29॥
On seeing him, this mighty elephant, wrapping its trunk around itself, rushes into the water and with the force of its teeth, trunk, tail and feet, creates a stir in the entire lake filled with innumerable fishes. At that time, the mighty tortoise also raises its head and comes near for the fight.॥ 28-29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥