Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.29.25-27: क्रोध और लोभ के दोषों के कारण उन दोनों को पशु योनि में जाना पड़ा। पूर्वजन्म के वैर के कारण ये दोनों विशाल पशु अपने विशालता और बल के अभिमान में मदमस्त होकर एक-दूसरे से द्वेष करते हुए इस सरोवर में रहते हैं। जब इन दोनों में से एक सुंदर और महान हाथी सरोवर के किनारे आता है, तब उसकी चिंघाड़ सुनकर जल के भीतर सोया हुआ विशाल कछुआ भी जल से ऊपर उठ जाता है। उस समय वह सम्पूर्ण सरोवर को मथ डालता है। | mahabharat अध्याय 1.29: कश्यपजीका गरुडको हाथी और कछुएके पूर्वजन्मकी कथा सुनाना, गरुडका उन दोनोंको पकड़कर एक दिव्य वटवृक्षकी शाखापर ले जाना और उस शाखाका टूटना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्रोध और लोभ के दोषों के कारण उन दोनों को पशु योनि में जाना पड़ा। पूर्वजन्म के वैर के कारण ये दोनों विशाल पशु अपने विशालता और बल के अभिमान में मदमस्त होकर एक-दूसरे से द्वेष करते हुए इस सरोवर में रहते हैं। जब इन दोनों में से एक सुंदर और महान हाथी सरोवर के किनारे आता है, तब उसकी चिंघाड़ सुनकर जल के भीतर सोया हुआ विशाल कछुआ भी जल से ऊपर उठ जाता है। उस समय वह सम्पूर्ण सरोवर को मथ डालता है।
Due to the faults of anger and greed, both of them had to go to the animal world. Following the enmity of their previous birth, both these huge animals live in this lake, hating each other, being intoxicated with the pride of their hugeness and strength. When one of these two, a beautiful and great elephant, comes to the shore of the lake, then on hearing the sound of his trumpeting, the huge tortoise sleeping inside the water also rises above the water. At that time, it churns the entire lake. 25-27.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥