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नियन्तुं न हि शक्यस्त्वं भेदतो धनमिच्छसि।
यस्मात् तस्मात् सुप्रतीक हस्तित्वं समवाप्स्यसि॥ २२॥
अनुवाद
'सुप्रतीक! तुम पर नियंत्रण करना असम्भव हो रहा है और तुम भेदभाव के कारण धन का बँटवारा करना चाहते हो, इसीलिए तुम्हें हाथी की योनि में जन्म लेना पड़ेगा।'
'Supratik! It is becoming impossible to control you and because of discrimination you want to divide the wealth, that is why you will have to take birth in the womb of an elephant.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥