Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.28.3: परन्तु तुम्हें किसी भी प्रकार से ब्राह्मण को मारने का विचार नहीं करना चाहिए; क्योंकि ब्राह्मण समस्त प्राणियों के लिए पवित्र है। वह अग्नि के समान प्रज्वलित करने वाला है ॥3॥ | mahabharat अध्याय 1.28: गरुडका अमृतके लिये जाना और अपनी माताकी आज्ञाके अनुसार निषादोंका भक्षण करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न च ते ब्राह्मणं हन्तुं कार्या बुद्धि: कथंचन।
अवध्य: सर्वभूतानां ब्राह्मणो ह्यनलोपम:॥ ३॥
अनुवाद
परन्तु तुम्हें किसी भी प्रकार से ब्राह्मण को मारने का विचार नहीं करना चाहिए; क्योंकि ब्राह्मण समस्त प्राणियों के लिए पवित्र है। वह अग्नि के समान प्रज्वलित करने वाला है ॥3॥
But you should not think of killing a Brahmin in any way; because a Brahmin is inviolable for all creatures. He is as burning as fire. ॥3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥