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mahabharat 1.24.5-6h: रुरु ने पूछा - पिताश्री ! भगवान सूर्य ने उस समय समस्त लोकों को भस्म करने का विचार क्यों किया ? देवताओं ने उनसे क्या छीन लिया था, जिससे वे क्रोधित हो गए ?॥5॥   |   mahabharat अध्याय 1.24: गरुडके द्वारा अपने तेज और शरीरका संकोच तथा सूर्यके क्रोधजनित तीव्र तेजकी शान्तिके लिये अरुणका उनके रथपर स्थित होना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 24: गरुडके द्वारा अपने तेज और शरीरका संकोच तथा सूर्यके क्रोधजनित तीव्र तेजकी शान्तिके लिये अरुणका उनके रथपर स्थित होना  »  श्लोक 5-6h
 
 
श्लोक  1.24.5-6h 
रुरुरुवाच
किमर्थं भगवान् सूर्यो लोकान् दग्धुमनास्तदा॥ ५॥
किमस्यापहृतं देवैर्येनेमं मन्युराविशत्।
 
 
अनुवाद
रुरु ने पूछा - पिताश्री ! भगवान सूर्य ने उस समय समस्त लोकों को भस्म करने का विचार क्यों किया ? देवताओं ने उनसे क्या छीन लिया था, जिससे वे क्रोधित हो गए ?॥5॥
 
Ruru asked - Father! Why did Lord Surya think of burning down all the worlds at that time? What had the gods snatched from him, which made him angry?॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)