Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.24.16: परंतु मैंने पहले ही उसके भयंकर कष्ट से बचाने का प्रबन्ध कर दिया है। महर्षि कश्यप का एक बुद्धिमान पुत्र है, जो अरुण नाम से प्रसिद्ध है॥16॥ | mahabharat अध्याय 1.24: गरुडके द्वारा अपने तेज और शरीरका संकोच तथा सूर्यके क्रोधजनित तीव्र तेजकी शान्तिके लिये अरुणका उनके रथपर स्थित होना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्य प्रतिविधानं च विहितं पूर्वमेव हि।
कश्यपस्य सुतो धीमानरुणेत्यभिविश्रुत:॥ १६॥
अनुवाद
परंतु मैंने पहले ही उसके भयंकर कष्ट से बचाने का प्रबन्ध कर दिया है। महर्षि कश्यप का एक बुद्धिमान पुत्र है, जो अरुण नाम से प्रसिद्ध है॥16॥
But I have already made arrangements to save him from his terrible suffering. Maharishi Kashyap has an intelligent son, who is famous by the name of Arun.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥