Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.24.13-14: तत्पश्चात् देवतागण ऋषियों को साथ लेकर ब्रह्माजी के पास गए और बोले, 'प्रभो! आज यह कैसा महान् दाह-भय आने वाला है? यद्यपि अभी सूर्य दिखाई नहीं दे रहा है, फिर भी ऐसा तेज लग रहा है मानो संसार नष्ट हो जाएगा। फिर सूर्योदय के पश्चात् कितनी प्रचण्ड गर्मी होगी, यह कौन कह सकता है?'॥13-14॥ | mahabharat अध्याय 1.24: गरुडके द्वारा अपने तेज और शरीरका संकोच तथा सूर्यके क्रोधजनित तीव्र तेजकी शान्तिके लिये अरुणका उनके रथपर स्थित होना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् देवतागण ऋषियों को साथ लेकर ब्रह्माजी के पास गए और बोले, 'प्रभो! आज यह कैसा महान् दाह-भय आने वाला है? यद्यपि अभी सूर्य दिखाई नहीं दे रहा है, फिर भी ऐसा तेज लग रहा है मानो संसार नष्ट हो जाएगा। फिर सूर्योदय के पश्चात् कितनी प्रचण्ड गर्मी होगी, यह कौन कह सकता है?'॥13-14॥
Thereafter the gods took the sages along with them and went to Brahmaji and said, 'Lord! What kind of great fear of burning is going to come today? Even though the sun is not visible right now, it seems so hot as if the world will be destroyed. Then who can say how intense the heat will be after the sunrise?'॥ 13-14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥