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mahabharat 1.233.8: तुम दोनों ने ऐसा कार्य किया है जो देवताओं के लिए भी कठिन है। मैं बहुत प्रसन्न हूँ। तुम दोनों ऐसा वर माँग लो जो इस संसार में मनुष्यों के लिए दुर्लभ है।॥8॥   |   mahabharat अध्याय 1.233: इन्द्रदेवका श्रीकृष्ण और अर्जुनको वरदान तथा श्रीकृष्ण, अर्जुन और मयासुरका अग्निसे विदा लेकर एक साथ यमुनातटपर बैठना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 233: इन्द्रदेवका श्रीकृष्ण और अर्जुनको वरदान तथा श्रीकृष्ण, अर्जुन और मयासुरका अग्निसे विदा लेकर एक साथ यमुनातटपर बैठना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.233.8 
कृतं युवाभ्यां कर्मेदममरैरपि दुष्करम्।
वरं वृणीतं तुष्टोऽस्मि दुर्लभं पुरुषेष्विह॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तुम दोनों ने ऐसा कार्य किया है जो देवताओं के लिए भी कठिन है। मैं बहुत प्रसन्न हूँ। तुम दोनों ऐसा वर माँग लो जो इस संसार में मनुष्यों के लिए दुर्लभ है।॥8॥
 
‘You both have done such a task which is difficult even for the gods. I am very happy. You both should ask for a boon which is rare for humans in this world.’॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)