Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.232.31: पुरुष को चाहिए कि स्त्री को अपनी पत्नी समझकर उस पर किसी भी प्रकार से विश्वास न करे, क्योंकि पुत्र होने के बाद स्त्री पति की सेवा आदि अपने कर्तव्यों पर ध्यान नहीं देती ॥31॥ | mahabharat अध्याय 1.232: मन्दपालका अपने बाल-बच्चोंसे मिलना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न हि भार्येति विश्वास: कार्य: पुंसा कथंचन।
न हि कार्यमनुध्याति नारी पुत्रवती सती॥ ३१॥
अनुवाद
पुरुष को चाहिए कि स्त्री को अपनी पत्नी समझकर उस पर किसी भी प्रकार से विश्वास न करे, क्योंकि पुत्र होने के बाद स्त्री पति की सेवा आदि अपने कर्तव्यों पर ध्यान नहीं देती ॥31॥
A man should not trust a woman in any way, thinking that she is his wife, because after having a son a woman does not pay attention to her duties like serving her husband etc. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥