श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 232: मन्दपालका अपने बाल-बच्चोंसे मिलना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.232.3 
वर्धमाने हुतवहे वाते चाशु प्रवायति।
असमर्था विमोक्षाय भविष्यन्ति ममात्मजा:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
‘जब अग्नि का वेग बढ़ जाएगा और वायु बहुत वेग से चलने लगेगी, उस समय मेरे बच्चे अग्नि से अपनी रक्षा करने में असमर्थ हो जाएंगे॥3॥
 
‘When the speed of the fire increases and the wind starts blowing very fast, at that time my children will be unable to save themselves from the fire.॥ 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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