Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.232.15: जो अपने पहले से जन्मे बच्चों को त्यागकर, होने वाले बच्चों पर भरोसा करता है, वह मूर्ख है; सब लोग उसका अनादर करते हैं; जो तुम्हारी इच्छा हो, करो।   |   mahabharat अध्याय 1.232: मन्दपालका अपने बाल-बच्चोंसे मिलना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 232: मन्दपालका अपने बाल-बच्चोंसे मिलना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.232.15 
भूतं हित्वा च भाव्यर्थे योऽवलम्बेत् स मन्दधी:।
अवमन्येत तं लोको यथेच्छसि तथा कुरु॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जो अपने पहले से जन्मे बच्चों को त्यागकर, होने वाले बच्चों पर भरोसा करता है, वह मूर्ख है; सब लोग उसका अनादर करते हैं; जो तुम्हारी इच्छा हो, करो।
 
He who abandons his already born children and trusts in those to be born is a fool; everyone disrespects him; do as you please.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)