Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.231.5: द्रोण बोले, 'यह प्रज्वलित अग्नि बड़े वेग से हमारे घोंसले की ओर आ रही है। इसके मुख में सात जिह्वाएँ हैं और यह क्रूर अग्नि समस्त वृक्षों को चाटती हुई सब दिशाओं में फैल रही है। ॥5॥ | mahabharat अध्याय 1.231: शार्ङ्गकोंके स्तवनसे प्रसन्न होकर अग्निदेवका उन्हें अभय देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोण बोले, 'यह प्रज्वलित अग्नि बड़े वेग से हमारे घोंसले की ओर आ रही है। इसके मुख में सात जिह्वाएँ हैं और यह क्रूर अग्नि समस्त वृक्षों को चाटती हुई सब दिशाओं में फैल रही है। ॥5॥
Drona said, 'This blazing fire is coming towards our nest at a great speed. It has seven tongues in its mouth and this cruel fire is spreading in all directions licking all the trees. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥