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सारिसृक्क उवाच
धीरस्त्वमसि मेधावी प्राणकृच्छ्रमिदं च न:।
प्राज्ञ: शूरो बहूनां हि भवत्येको न संशय:॥ ३॥
अनुवाद
सरिसृक्का ने कहा, "भाई! आप धैर्यवान और बुद्धिमान हैं और यह हमारे प्राणों के लिए संकट का समय है (अतः इससे आप ही हमें बचा सकते हैं); क्योंकि बहुतों में एक ही बुद्धिमान और वीर होता है, इसमें कोई संदेह नहीं है।"
Sārisṛkkā said, "Brother! You are patient and wise and this is a time of danger to our lives (so only you can save us from this); because among many there is only one wise and brave person, there is no doubt about this." 3.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥