Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.231.23: द्रोण! आपके पिता का यह कथन और आपने जो कुछ यहाँ कहा है, वह भी मेरे लिए गौरव की बात है। बताइए, आपकी और कौन-सी इच्छा मैं पूरी करूँ? हे ब्रह्मन्! हे मुनियों में श्रेष्ठ! आपका कल्याण हो। मैं आपकी इस प्रार्थना से अत्यंत प्रसन्न हूँ॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 1.231: शार्ङ्गकोंके स्तवनसे प्रसन्न होकर अग्निदेवका उन्हें अभय देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोण! आपके पिता का यह कथन और आपने जो कुछ यहाँ कहा है, वह भी मेरे लिए गौरव की बात है। बताइए, आपकी और कौन-सी इच्छा मैं पूरी करूँ? हे ब्रह्मन्! हे मुनियों में श्रेष्ठ! आपका कल्याण हो। मैं आपकी इस प्रार्थना से अत्यंत प्रसन्न हूँ॥ 23॥
Drona! This statement of your father and whatever you have said here is also a matter of pride for me. Tell me, what other wish of yours should I fulfill? O Brahman! O best of the saints! May you be blessed. I am very pleased with this prayer of yours.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥