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mahabharat 1.23.17: आप ही भगवान के साक्षात् ब्राह्मण हैं, पद्मयोनि ब्रह्मा और ज्ञानी विप्र हैं, आप ही अग्नि और वायु हैं, आप ही दाता, सृष्टिकर्ता और परात्पर भगवान विष्णु हैं॥17॥   |   mahabharat अध्याय 1.23: पराजित विनताका कद्रूकी दासी होना, गरुडकी उत्पत्ति तथा देवताओंद्वारा उनकी स्तुति   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 23: पराजित विनताका कद्रूकी दासी होना, गरुडकी उत्पत्ति तथा देवताओंद्वारा उनकी स्तुति  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.23.17 
त्वं मुखं पद्मजो विप्रस्त्वमग्नि: पवनस्तथा।
त्वं हि धाता विधाता च त्वं विष्णु: सुरसत्तम:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
आप ही भगवान के साक्षात् ब्राह्मण हैं, पद्मयोनि ब्रह्मा और ज्ञानी विप्र हैं, आप ही अग्नि और वायु हैं, आप ही दाता, सृष्टिकर्ता और परात्पर भगवान विष्णु हैं॥17॥
 
You are the Brahmin in the face of God, Padmayoni Brahma and the knowledgeable Vipra, You are the fire and air, You are the giver, the creator and the supreme god Vishnu. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)