Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.23.15: देवताओं ने कहा - हे प्रभु! आप मन्त्रों को देखने वाले ऋषि हैं, आप महान् भाग्यशाली देव हैं और आप ही पतागेश्वर (पक्षियों और पशुओं के स्वामी) हैं॥15॥ | mahabharat अध्याय 1.23: पराजित विनताका कद्रूकी दासी होना, गरुडकी उत्पत्ति तथा देवताओंद्वारा उनकी स्तुति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताओं ने कहा - हे प्रभु! आप मन्त्रों को देखने वाले ऋषि हैं, आप महान् भाग्यशाली देव हैं और आप ही पतागेश्वर (पक्षियों और पशुओं के स्वामी) हैं॥15॥
The gods said - Lord! You are the sage who has seen the mantras; you are the great fortunate god and you are the Patageshwar (Lord of birds and animals).॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥