Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.229.8: मैं तुम सबको मुक्त करने का उपाय सोच रहा हूँ; परन्तु मुझे कुछ भी नहीं सूझ रहा। अच्छा, मैं तुम सबको अपने शरीर से ढक लूँगा और तुम्हारे साथ ही मर जाऊँगा। 8. | mahabharat अध्याय 1.229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं तुम सबको मुक्त करने का उपाय सोच रहा हूँ; परन्तु मुझे कुछ भी नहीं सूझ रहा। अच्छा, मैं तुम सबको अपने शरीर से ढक लूँगा और तुम्हारे साथ ही मर जाऊँगा। 8.
I am thinking of a way to free you all; but I am unable to think of anything. Well, I will cover you all with my body and I will die along with you. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥