Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.229.4: ये बालक, जिनका मन सांसारिक ज्ञान से रहित है, मुझे आकर्षित करते हैं। इनके पंख अभी तक नहीं निकले हैं और ये अभी पैरों से रहित हैं। ये हमारे पूर्वजों के आधार हैं ॥4॥ | mahabharat अध्याय 1.229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये बालक, जिनका मन सांसारिक ज्ञान से रहित है, मुझे आकर्षित करते हैं। इनके पंख अभी तक नहीं निकले हैं और ये अभी पैरों से रहित हैं। ये हमारे पूर्वजों के आधार हैं ॥4॥
These children, whose minds are devoid of worldly knowledge, attract me. They have not yet developed wings and are still devoid of legs. They are the support of our forefathers. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥