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mahabharat 1.229.22: यदि चूहे हमें अपने बिलों में खा जाएँ, तो हमारी मृत्यु लज्जाजनक होगी। सज्जनों की आज्ञा तो यही है कि वे अग्नि में जलकर अपने शरीर का त्याग कर दें। 22.   |   mahabharat अध्याय 1.229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.229.22 
गर्हितं मरणं न: स्यादाखुना भक्षिते बिले।
शिष्टादिष्ट: परित्याग: शरीरस्य हुताशनात्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
यदि चूहे हमें अपने बिलों में खा जाएँ, तो हमारी मृत्यु लज्जाजनक होगी। सज्जनों की आज्ञा तो यही है कि वे अग्नि में जलकर अपने शरीर का त्याग कर दें। 22.
 
If we are eaten by rats in their burrows, it will be our shameful death. The command of gentlemen is to sacrifice their bodies by burning themselves in fire. 22.
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि मयदर्शनपर्वणि जरिताविलापे एकोनत्रिंशदधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २२९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत मयदर्शनपर्वमें जरिताविलापविषयक दो सौ उन्तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २२९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)