Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.229.21: हम बिल में चूहे द्वारा और आकाश में उड़ने पर अग्नि द्वारा नष्ट हो जाएँगे। इन दोनों परिणामों पर विचार करने के बाद, चूहे का आहार बनने की अपेक्षा अग्नि में जलना अधिक अच्छा प्रतीत होता है॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 1.229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बिल आखोर्विनाश: स्यादग्नेराकाशचारिणाम्।
अन्ववेक्ष्यैतदुभयं श्रेयान् दाहो न भक्षणम्॥ २१॥
अनुवाद
हम बिल में चूहे द्वारा और आकाश में उड़ने पर अग्नि द्वारा नष्ट हो जाएँगे। इन दोनों परिणामों पर विचार करने के बाद, चूहे का आहार बनने की अपेक्षा अग्नि में जलना अधिक अच्छा प्रतीत होता है॥ 21॥
We will be destroyed by a rat in a burrow and by fire if we fly in the sky. After considering both these consequences, it seems better to burn in fire than to become food for a rat.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥